२. रथसुत्तं
७२. ‘‘किंसु रथस्स पञ्ञाणं, किंसु पञ्ञाणमग्गिनो;
किंसु रट्ठस्स पञ्ञाणं, किंसु पञ्ञाणमित्थिया’’ति.
‘‘धजो रथस्स पञ्ञाणं, धूमो पञ्ञाणमग्गिनो;
राजा रट्ठस्स पञ्ञाणं, भत्ता पञ्ञाणमित्थिया’’ति.
७२. ‘‘किंसु रथस्स पञ्ञाणं, किंसु पञ्ञाणमग्गिनो;
किंसु रट्ठस्स पञ्ञाणं, किंसु पञ्ञाणमित्थिया’’ति.
‘‘धजो रथस्स पञ्ञाणं, धूमो पञ्ञाणमग्गिनो;
राजा रट्ठस्स पञ्ञाणं, भत्ता पञ्ञाणमित्थिया’’ति.