४. पोसियत्थेरगाथा
३४. ‘‘अनासन्नवरा एता, निच्चमेव विजानता;
गामा अरञ्ञमागम्म, ततो गेहं उपाविसि [उपाविसिं (सी.)];
ततो उट्ठाय पक्कामि, अनामन्तेत्वा [अनामन्तिय (सी.)] पोसियो’’ति.
… पोसियो थेरो….
३४. ‘‘अनासन्नवरा एता, निच्चमेव विजानता;
गामा अरञ्ञमागम्म, ततो गेहं उपाविसि [उपाविसिं (सी.)];
ततो उट्ठाय पक्कामि, अनामन्तेत्वा [अनामन्तिय (सी.)] पोसियो’’ति.
… पोसियो थेरो….