५. महानामत्थेरगाथा
११५. ‘‘एसावहिय्यसे पब्बतेन, बहुकुटजसल्लकिकेन [सल्लकितेन (सी.), सल्लरिकेन (स्या.)];
नेसादकेन गिरिना, यसस्सिना परिच्छदेना’’ति.
… महानामो थेरो….
११५. ‘‘एसावहिय्यसे पब्बतेन, बहुकुटजसल्लकिकेन [सल्लकितेन (सी.), सल्लरिकेन (स्या.)];
नेसादकेन गिरिना, यसस्सिना परिच्छदेना’’ति.
… महानामो थेरो….