६. जटासुत्तवण्णना
१९२. छट्ठे जटाभारद्वाजोति भारद्वाजोवेस, जटापञ्हस्स पन पुच्छितत्ता सङ्गीतिकारेहि एवं वुत्तो. सेसं देवतासंयुत्ते कथितमेव. छट्ठं.
१९२. छट्ठे जटाभारद्वाजोति भारद्वाजोवेस, जटापञ्हस्स पन पुच्छितत्ता सङ्गीतिकारेहि एवं वुत्तो. सेसं देवतासंयुत्ते कथितमेव. छट्ठं.