३. धम्मराजासुत्तवण्णना
१३३. ततियं तिकनिपाते वुत्तनयमेव. सेवितब्बासेवितब्बे पनेत्थ पच्छिमपदद्वयमेव विसेसो. तत्थ सम्माआजीवो सेवितब्बो, मिच्छाआजीवो न सेवितब्बो. सप्पायो गामनिगमो सेवितब्बो, असप्पायो न सेवितब्बो.
१३३. ततियं तिकनिपाते वुत्तनयमेव. सेवितब्बासेवितब्बे पनेत्थ पच्छिमपदद्वयमेव विसेसो. तत्थ सम्माआजीवो सेवितब्बो, मिच्छाआजीवो न सेवितब्बो. सप्पायो गामनिगमो सेवितब्बो, असप्पायो न सेवितब्बो.