अट्ठकथा › सुत्तपिटक (अट्ठकथा) › अङ्गुत्तरनिकाय (अट्ठकथा) › दसकनिपात-अट्ठकथा › १. आनिसंसवग्गो › ४. चतुत्थपण्णासकं९. परिक्कमनसुत्तवण्णना१७५. नवमे परिक्कमनं होतीति परिवज्जनं होति.१०. चुन्दसुत्तवण्णना →