(५) छ अगारवा

९४५. तत्थ कतमे छ अगारवा? सत्थरि अगारवो विहरति अप्पतिस्सो, धम्मे अगारवो विहरति अप्पतिस्सो, सङ्घे अगारवो विहरति अप्पतिस्सो, सिक्खाय अगारवो विहरति अप्पतिस्सो, अप्पमादे अगारवो विहरति अप्पतिस्सो, पटिसन्थारे अगारवो विहरति अप्पतिस्सो – इमे छ अगारवा.