तिपिटक (मूल) › अभिधम्मपिटक › विभङ्गपाळि › १७. खुद्दकवत्थुविभङ्गो › ३. तिकनिद्देसो(२१) तयो अग्गीतत्थ कतमे तयो अग्गी? रागग्गि, दोसग्गि, मोहग्गि – इमे तयो अग्गी.(२२) तयो कसावा →