(२) मक्खो च पळासो च

८९२. (क) तत्थ कतमो मक्खो? यो मक्खो मक्खायना मक्खायितत्तं [मक्खियना मक्खियितत्तं (सी. क.)] निट्ठुरियं निट्ठुरियकम्मं – अयं वुच्चति ‘‘मक्खो’’.

(ख) तत्थ कतमो पळासो? यो पळासो पळासायना [पलासायना पलासायितत्तं (स्या.)] पळासाहारो विवादट्ठानं युगग्गाहो अप्पटिनिस्सग्गो – अयं वुच्चति ‘‘पळासो’’.