(३) नवविधा माना
९६२. तत्थ कतमे नवविधा माना? ‘‘सेय्यस्स सेय्योहमस्मी’’ति मानो, ‘‘सेय्यस्स सदिसोहमस्मी’’ति मानो, ‘‘सेय्यस्स हीनोहमस्मी’’ति मानो, ‘‘सदिसस्स सेय्योहमस्मी’’ति मानो, ‘‘सदिसस्स सदिसोहमस्मी’’ति मानो, ‘‘सदिसस्स हीनोहमस्मी’’ति मानो, ‘‘हीनस्स सेय्योहमस्मी’’ति मानो, ‘‘हीनस्स सदिसोहमस्मी’’ति मानो, ‘‘हीनस्स हीनोहमस्मी’’ति मानो – इमे नवविधा माना.