१-७. पटिच्चवारादि
पच्चयचतुक्कं
हेतुपच्चयो
१४६. सेक्खं हेतुं धम्मं पटिच्च सेक्खो हेतु धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया. (१)
असेक्खं हेतुं धम्मं पटिच्च असेक्खो हेतु धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया. (१)
नेवसेक्खनासेक्खं हेतुं धम्मं पटिच्च नेवसेक्खनासेक्खो हेतु धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया. (१) (संखित्तं.)
१४७. हेतुया तीणि, आरम्मणे तीणि, अधिपतिया तीणि…पे… अविगते तीणि (संखित्तं).
नअधिपतिया तीणि, नपुरेजाते तीणि, नपच्छाजाते तीणि, नआसेवने तीणि, नविपाके द्वे, नविप्पयुत्ते तीणि (संखित्तं).
हेतुपच्चया नअधिपतिया तीणि (संखित्तं).
नअधिपतिपच्चया हेतुया तीणि (संखित्तं).
(सहजातवारम्पि…पे… सम्पयुत्तवारम्पि वित्थारेतब्बं.)
हेतु-आरम्मणपच्चयादि
१४८. सेक्खो हेतु धम्मो सेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो. (१)
असेक्खो हेतु धम्मो असेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो. (१)
नेवसेक्खनासेक्खो हेतु धम्मो नेवसेक्खनासेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो. (१)
१४९. सेक्खो हेतु धम्मो नेवसेक्खनासेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. (१)
असेक्खो हेतु धम्मो नेवसेक्खनासेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. (१)
नेवसेक्खनासेक्खो हेतु धम्मो नेवसेक्खनासेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. (१)
१५०. सेक्खो हेतु धम्मो सेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो. सेक्खो हेतु धम्मो नेवसेक्खनासेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो. (२)
असेक्खो हेतु धम्मो असेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो. असेक्खो हेतु धम्मो नेवसेक्खनासेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो. (२)
नेवसेक्खनासेक्खो हेतु धम्मो नेवसेक्खनासेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो. (१)
१५१. सेक्खो हेतु धम्मो सेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अनन्तरपच्चयेन पच्चयो. सेक्खो हेतु धम्मो असेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अनन्तरपच्चयेन पच्चयो. सेक्खो हेतु धम्मो नेवसेक्खनासेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अनन्तरपच्चयेन पच्चयो. (३)
असेक्खो हेतु धम्मो असेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अनन्तरपच्चयेन पच्चयो. असेक्खो हेतु धम्मो नेवसेक्खनासेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अनन्तरपच्चयेन पच्चयो. (२)
नेवसेक्खनासेक्खो हेतु धम्मो नेवसेक्खनासेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अनन्तरपच्चयेन पच्चयो. नेवसेक्खनासेक्खो हेतु धम्मो सेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अनन्तरपच्चयेन पच्चयो. नेवसेक्खनासेक्खो हेतु धम्मो असेक्खस्स हेतुस्स धम्मस्स अनन्तरपच्चयेन पच्चयो. (३) (संखित्तं.)
१५२. हेतुया तीणि, आरम्मणे तीणि, अधिपतिया पञ्च, अनन्तरे अट्ठ, समनन्तरे अट्ठ, सहजाते तीणि, अञ्ञमञ्ञे तीणि, निस्सये तीणि, उपनिस्सये अट्ठ…पे… अविगते तीणि (संखित्तं).
नहेतुया अट्ठ, नआरम्मणे अट्ठ (संखित्तं).
हेतुपच्चया नआरम्मणे तीणि (संखित्तं).
नहेतुपच्चया आरम्मणे तीणि (संखित्तं).
(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारं, एवं वित्थारेतब्बं.)