१. पच्चयानुलोमं
२. सङ्ख्यावारो
३३६. हेतुया नव, आरम्मणे नव, अधिपतिया पञ्च, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, पुरेजाते नव, आसेवने नव, कम्मे नव (सब्बत्थ नव), अविगते नव.
३३६. हेतुया नव, आरम्मणे नव, अधिपतिया पञ्च, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, पुरेजाते नव, आसेवने नव, कम्मे नव (सब्बत्थ नव), अविगते नव.