२. सङ्ख्यावारो
सुद्धं
२८१. हेतुया नव, आरम्मणे नव, अधिपतिया नव, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, पुरेजाते पञ्च, आसेवने पञ्च, कम्मे नव, विपाके नव (सब्बत्थ नव), अविगते नव.
अनुलोमं.
२८१. हेतुया नव, आरम्मणे नव, अधिपतिया नव, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, पुरेजाते पञ्च, आसेवने पञ्च, कम्मे नव, विपाके नव (सब्बत्थ नव), अविगते नव.
अनुलोमं.