२. सङ्ख्यावारो
सुद्धं
१८२. नहेतुया सत्त, नआरम्मणे सत्त, नअधिपतिया सत्त, नअनन्तरे सत्त, नसमनन्तरे सत्त, नसहजाते छ, नअञ्ञमञ्ञे छ, ननिस्सये छ, नउपनिस्सये सत्त, नपुरेजाते सत्त (सब्बत्थ सत्त), नसम्पयुत्ते छ, नविप्पयुत्ते पञ्च, नोअत्थिया चत्तारि, नोनत्थिया सत्त, नोविगते सत्त, नोअविगते चत्तारि.