६. अधिकरणपरियायवारो

२९२. विवादाधिकरणस्स – किं पुब्बङ्गमं? कति ठानानि? कति वत्थूनि? कति भूमियो? कति हेतू? कति मूलानि? कतिहाकारेहि विवदति? विवादाधिकरणं कतिहि समथेहि सम्मति?

अनुवादाधिकरणस्स – किं पुब्बङ्गमं? कति ठानानि? कति वत्थूनि? कति भूमियो? कति हेतू? कति मूलानि? कतिहाकारेहि अनुवदति? अनुवादाधिकरणं कतिहि समथेहि सम्मति?

आपत्ताधिकरणस्स – किं पुब्बङ्गमं? कति ठानानि? कति वत्थूनि? कति भूमियो? कति हेतू? कति मूलानि? कतिहाकारेहि आपत्तिं आपज्जति? आपत्ताधिकरणं कतिहि समथेहि सम्मति?

किच्चाधिकरणस्स – किं पुब्बङ्गमं? कति ठानानि? कति वत्थूनि? कति भूमियो? कति हेतू? कति मूलानि? कतिहाकारेहि किच्चं जायति? किच्चाधिकरणं कतिहि समथेहि सम्मति?

२९३. विवादाधिकरणस्स किं पुब्बङ्गमन्ति? लोभो पुब्बङ्गमो, दोसो पुब्बङ्गमो, मोहो पुब्बङ्गमो, अलोभो पुब्बङ्गमो, अदोसो पुब्बङ्गमो, अमोहो पुब्बङ्गमो. कति ठानानीति? अट्ठारस भेदकरवत्थूनि ठानानि. कति वत्थूनीति? अट्ठारस भेदकरवत्थूनि. कति भूमियोति? अट्ठारस भेदकरवत्थूनि भूमियो. कति हेतूति? नव हेतू – तयो कुसलहेतू, तयो अकुसलहेतू, तयो अब्याकतहेतू. कति मूलानीति? द्वादस मूलानि. कतिहाकारेहि विवदतीति? द्वीहाकारेहि विवदति – धम्मदिट्ठि वा अधम्मदिट्ठि वा. [चूळव. २२८] विवादाधिकरणं कतिहि समथेहि सम्मतीति? विवादाधिकरणं द्वीहि समथेहि सम्मति – सम्मुखाविनयेन च येभुय्यसिकाय च.

२९४. अनुवादाधिकरणस्स किं पुब्बङ्गमन्ति? लोभो पुब्बङ्गमो, दोसो पुब्बङ्गमो, मोहो पुब्बङ्गमो, अलोभो पुब्बङ्गमो, अदोसो पुब्बङ्गमो, अमोहो पुब्बङ्गमो. कति ठानानीति? चतस्सो विपत्तियो ठानानि. कति वत्थूनीति? चतस्सो विपत्तियो वत्थूनि. कति भूमियोति? चतस्सो विपत्तियो भूमियो. कति हेतूति? नव हेतू – तयो कुसलहेतू, तयो अकुसलहेतू, तयो अब्याकतहेतू. कति मूलानीति? चुद्दस मूलानि. कतिहाकारेहि अनुवदतीति? द्वीहाकारेहि अनुवदति – वत्थुतो वा आपत्तितो वा. [चूळव. २३६] अनुवादाधिकरणं कतिहि समथेहि सम्मतीति? अनुवादाधिकरणं चतूहि समथेहि सम्मति – सम्मुखाविनयेन च सतिविनयेन च अमूळ्हविनयेन च तस्सपापियसिकाय च.

२९५. आपत्ताधिकरणस्स किं पुब्बङ्गमन्ति? लोभो पुब्बङ्गमो, दोसो पुब्बङ्गमो, मोहो पुब्बङ्गमो, अलोभो पुब्बङ्गमो, अदोसो पुब्बङ्गमो, अमोहो पुब्बङ्गमो. कति ठानानीति? सत्त आपत्तिक्खन्धा ठानानि. कति वत्थूनीति? सत्त आपत्तिक्खन्धा वत्थूनि. कति भूमियोति? सत्त आपत्तिक्खन्धा भूमियो. कति हेतूति? छ हेतू [कति हेतूति नव हेतू, तयो कुसलहेतू (सी. स्या.)] – तयो अकुसलहेतू, तयो अब्याकतहेतू. कति मूलानीति? छ आपत्तिसमुट्ठानानि मूलानि. कतिहाकारेहि आपत्तिं आपज्जतीति? छहाकारेहि आपत्तिं आपज्जति – अलज्जिता, अञ्ञाणता, कुक्कुच्चपकतता, अकप्पिये कप्पियसञ्ञिता, कप्पिये अकप्पियसञ्ञिता, सतिसम्मोसा. [चूळव. २३९] आपत्ताधिकरणं कतिहि समथेहि सम्मतीति? आपत्ताधिकरणं तीहि समथेहि सम्मति – सम्मुखाविनयेन च पटिञ्ञातकरणेन च, सम्मुखाविनयेन च तिणवत्थारकेन च.

२९६. किच्चाधिकरणस्स किं पुब्बङ्गमन्ति? लोभो पुब्बङ्गमो, दोसो पुब्बङ्गमो, मोहो पुब्बङ्गमो, अलोभो पुब्बङ्गमो, अदोसो पुब्बङ्गमो, अमोहो पुब्बङ्गमो. कति ठानानीति? चत्तारि कम्मानि ठानानि. कति वत्थूनीति? चत्तारि कम्मानि वत्थूनि. कति भूमियोति? चत्तारि कम्मानि भूमियो. कति हेतूति? नव हेतू – तयो कुसलहेतू, तयो अकुसलहेतू, तयो अब्याकतहेतू. कति मूलानीति? एकं मूलं – सङ्घो. कतिहाकारेहि किच्चं जायतीति? द्वीहाकारेहि किच्चं जायति – ञत्तितो वा अपलोकनतो वा. [चूळव. २४२] किच्चाधिकरणं कतिहि समथेहि सम्मतीति? किच्चाधिकरणं एकेन समथेन सम्मति – सम्मुखाविनयेन.

कति समथा? सत्त समथा. सम्मुखाविनयो, सतिविनयो, अमूळ्हविनयो, पटिञ्ञातकरणं, येभुय्यसिका, तस्सपापियसिका, तिणवत्थारको – इमे सत्त समथा.

सिया इमे सत्त समथा दस समथा होन्ति, दस समथा सत्त समथा होन्ति वत्थुवसेन परियायेन सियाति.

कथञ्च सिया? विवादाधिकरणस्स द्वे समथा, अनुवादाधिकरणस्स चत्तारो समथा, आपत्ताधिकरणस्स तयो समथा, किच्चाधिकरणस्स एको समथो. एवं इमे सत्त समथा दस समथा होन्ति, दस समथा सत्त समथा होन्ति वत्थुवसेन परियायेन.

परियायवारो निट्ठितो छट्ठो.