१. मुसावादवग्गो
१६५. सम्पजानमुसावादं भासन्तो कति आपत्तियो आपज्जति? सम्पजानमुसावादं भासन्तो पञ्च आपत्तियो आपज्जति. पापिच्छो इच्छापकतो असन्तं अभूतं उत्तरिमनुस्सधम्मं उल्लपति, आपत्ति पाराजिकस्स; भिक्खुं अमूलकेन पाराजिकेन धम्मेन अनुद्धंसेति, आपत्ति सङ्घादिसेसस्स; ‘‘यो ते विहारे वसति, सो भिक्खु अरहा’’ति भणति, पटिविजानन्तस्स आपत्ति थुल्लच्चयस्स; न पटिविजानन्तस्स आपत्ति दुक्कटस्स; सम्पजानमुसावादे पाचित्तियं – सम्पजानमुसावादं भासन्तो इमा पञ्च आपत्तियो आपज्जति.
ओमसन्तो द्वे आपत्तियो आपज्जति. उपसम्पन्नं ओमसति, आपत्ति पाचित्तियस्स; अनुपसम्पन्नं ओमसति, आपत्ति दुक्कटस्स.
पेसुञ्ञं उपसंहरन्तो द्वे आपत्तियो आपज्जति. उपसम्पन्नस्स पेसुञ्ञं उपसंहरति, आपत्ति पाचित्तियस्स; अनुपसम्पन्नस्स पेसुञ्ञं उपसंहरति, आपत्ति दुक्कटस्स.
अनुपसम्पन्नं पदसो धम्मं वाचेन्तो द्वे आपत्तियो आपज्जति. वाचेति, पयोगे दुक्कटं; पदे पदे आपत्ति पाचित्तियस्स.
अनुपसम्पन्नेन उत्तरिदिरत्ततिरत्तं सहसेय्यं कप्पेन्तो द्वे आपत्तियो आपज्जति. निपज्जति, पयोगे दुक्कटं; निपन्ने आपत्ति पाचित्तियस्स.
मातुगामेन सहसेय्यं कप्पेन्तो द्वे आपत्तियो आपज्जति. निपज्जति, पयोगे दुक्कटं; निपन्ने आपत्ति पाचित्तियस्स.
मातुगामस्स उत्तरिछप्पञ्चवाचाहि धम्मं देसेन्तो द्वे आपत्तियो आपज्जति. देसेति, पयोगे दुक्कटं; पदे पदे आपत्ति पाचित्तियस्स.
अनुपसम्पन्नस्स उत्तरिमनुस्सधम्मं भूतं आरोचेन्तो द्वे आपत्तियो आपज्जति. आरोचेति, पयोगे दुक्कटं; आरोचिते आपत्ति पाचित्तियस्स.
भिक्खुस्स दुट्ठुल्लं आपत्तिं अनुपसम्पन्नस्स आरोचेन्तो द्वे आपत्तियो आपज्जति. आरोचेति, पयोगे दुक्कटं; आरोचिते आपत्ति पाचित्तियस्स.
पथविं खणन्तो द्वे आपत्तियो आपज्जति. खणति, पयोगे दुक्कटं; पहारे पहारे आपत्ति पाचित्तियस्स.
मुसावादवग्गो पठमो.