२. कयविक्कयसुत्तं

११६२. …पे… ‘‘एवमेव खो, भिक्खवे, अप्पका ते सत्ता ये कयविक्कया पटिविरता; अथ खो एतेव बहुतरा सत्ता ये कयविक्कया अप्पटिविरता…पे…. दुतियं.