९. कुलत्थेरगाथा
१९. [ध. प. ८०, १४५ धम्मपदेपि] ‘‘उदकं हि नयन्ति नेत्तिका, उसुकारा नमयन्ति [दमयन्ति (क.)] तेजनं;
दारुं नमयन्ति तच्छका, अत्तानं दमयन्ति सुब्बता’’ति.
… कुलो [कुण्डलो (सी.), कुळो (स्या. क.)] थेरो….
१९. [ध. प. ८०, १४५ धम्मपदेपि] ‘‘उदकं हि नयन्ति नेत्तिका, उसुकारा नमयन्ति [दमयन्ति (क.)] तेजनं;
दारुं नमयन्ति तच्छका, अत्तानं दमयन्ति सुब्बता’’ति.
… कुलो [कुण्डलो (सी.), कुळो (स्या. क.)] थेरो….