अट्ठकथा › सुत्तपिटक (अट्ठकथा) › अङ्गुत्तरनिकाय (अट्ठकथा) › छक्कनिपात-अट्ठकथा › १. पठमपण्णासकं › ४. देवतावग्गो१. सेखसुत्तवण्णना३१. चतुत्थस्स पठमे सेखस्साति सत्तविधस्स सेखस्स. पुथुज्जने पन वत्तब्बमेव नत्थि. परिहानायाति उपरूपरिगुणपरिहानाय.२-३. अपरिहानसुत्तद्वयवण्णना →