अट्ठकथा › सुत्तपिटक (अट्ठकथा) › अङ्गुत्तरनिकाय (अट्ठकथा) › पञ्चकनिपात-अट्ठकथा › १. पठमपण्णासकं › २. बलवग्गो८-१०. दुतियहितसुत्तादिवण्णना१८-२०. अट्ठमे दुस्सीलो बहुस्सुतो कथितो, नवमे अप्पस्सुतो दुस्सीलो, दसमे बहुस्सुतो खीणासवोति.बलवग्गो दुतियो.३. पञ्चङ्गिकवग्गो →