अट्ठकथा › सुत्तपिटक (अट्ठकथा) › अङ्गुत्तरनिकाय (अट्ठकथा) › दसकनिपात-अट्ठकथा › १. आनिसंसवग्गो१-२. अधम्मसुत्तद्वयवण्णना११३-११४. दुतियस्स पठमे पाटियेक्कं पुच्छा च विस्सज्जना च कता. दुतिये एकतोव.३. ततियअधम्मसुत्तवण्णना →