२. अतीतवारो

(क) अनुलोमं

४४३. (क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थाति? आमन्ता.

(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थाति?

द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ, नो च चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ. अरहा दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ चक्खुन्द्रियञ्च परिजानित्थ.

(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता.

(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थाति?

छ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ, नो च चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ. अरहा अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ चक्खुन्द्रियञ्च परिजानित्थ.

(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता.

(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थाति? आमन्ता.

(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थाति?

यो अग्गफलं सच्छिकरोति सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ. यो अग्गफलं सच्छाकासि सो चक्खुन्द्रियञ्च परिजानित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरित्थ.

(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थाति? आमन्ता. (चक्खुन्द्रियमूलकं)

४४४. (क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता.

(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थाति?

चत्तारो पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ, नो च दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ. तयो पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ.

(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थाति?

द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ, नो च अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ. अरहा दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ अञ्ञिन्द्रियञ्च भावित्थ.

(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थाति? आमन्ता.

(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थाति?

तयो पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ. अरहा दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरित्थ.

(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थाति? आमन्ता. (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)

४४५. (क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थाति?

छ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ, नो च अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ. अरहा अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ अञ्ञिन्द्रियञ्च भावित्थ.

(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता.

(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थाति?

सत्त पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ. अरहा अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरित्थ.

(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता. (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)

४४६. (क) यो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थाति?

यो अग्गफलं सच्छिकरोति सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ. यो अग्गफलं सच्छाकासि सो अञ्ञिन्द्रियञ्च भावित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरित्थ.

(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता. (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)

(ख) पच्चनीकं

४४७. (क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थाति?

द्वे पुग्गला चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ. छ पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानित्थ दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ.

(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ सो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थाति? आमन्ता.

(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थाति?

छ पुग्गला चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ. द्वे पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानित्थ अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ.

(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ सो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थाति? आमन्ता.

(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थाति? आमन्ता.

(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ सो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थाति? आमन्ता.

(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थाति? आमन्ता.

(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ सो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थाति?

यो अग्गफलं सच्छिकरोति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ, नो च चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ. अट्ठ पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानित्थ. (चक्खुन्द्रियमूलकं)

४४८. (क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थाति?

चत्तारो पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ. द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ.

(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थाति? आमन्ता.

(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थाति? आमन्ता.

(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थाति?

द्वे पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ. छ पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ.

(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थाति? आमन्ता.

(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थाति?

तयो पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ. छ पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ. (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)

४४९. (क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थाति? आमन्ता.

(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थाति?

छ पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ. द्वे पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ.

(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थाति? आमन्ता.

(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थाति?

सत्त पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ. द्वे पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ. (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)

४५०. (क) यो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थाति? आमन्ता.

(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थाति?

यो अग्गफलं सच्छिकरोति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ. अट्ठ पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ. (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)