(२) अतीतवारो

(क) अनुलोमपुग्गलो

१६५. (क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता.

(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता.

१६६. (क) यस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता.

(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता.

(ख) अनुलोमओकासो

१६७. यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ…पे….

(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा

१६८. (क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति?

असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ. पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ.

(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?

अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ. पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ.

१६९. (क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता.

(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता.

(घ) पच्चनीकपुग्गलो

१७०. (क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? नत्थि.

(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? नत्थि.

१७१. (क) यस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? नत्थि.

(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? नत्थि.

(ङ) पच्चनीकओकासो

१७२. यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ…पे….

(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा

१७३. (क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति?

अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ. सुद्धावासानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ.

(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति?

असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ. सुद्धावासानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ.

१७४. (क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? आमन्ता.

(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? आमन्ता.