२. रूपधातु

१००१. पञ्चन्नं खन्धानं कति रूपधातुपरियापन्ना, कति न रूपधातुपरियापन्ना …पे… सत्तन्नं चित्तानं कति रूपधातुपरियापन्ना, कति न रूपधातुपरियापन्ना?

१००२. रूपक्खन्धो न रूपधातुपरियापन्नो; चत्तारो खन्धा सिया रूपधातुपरियापन्ना, सिया न रूपधातुपरियापन्ना.

दसायतना न रूपधातुपरियापन्ना; द्वे आयतना सिया रूपधातुपरियापन्ना, सिया न रूपधातुपरियापन्ना.

सोळस धातुयो न रूपधातुपरियापन्ना; द्वे धातुयो सिया रूपधातुपरियापन्ना, सिया न रूपधातुपरियापन्ना.

तीणि सच्चानि न रूपधातुपरियापन्ना; दुक्खसच्चं सिया रूपधातुपरियापन्नं, सिया न रूपधातुपरियापन्नं.

तेरसिन्द्रिया न रूपधातुपरियापन्ना; नविन्द्रिया सिया रूपधातुपरियापन्ना, सिया न रूपधातुपरियापन्ना.

तयो अकुसलहेतू न रूपधातुपरियापन्ना; छ हेतू सिया रूपधातुपरियापन्ना, सिया न रूपधातुपरियापन्ना.

कबळीकारो आहारो न रूपधातुपरियापन्नो; तयो आहारा सिया रूपधातुपरियापन्ना, सिया न रूपधातुपरियापन्ना.

छ फस्सा न रूपधातुपरियापन्ना; मनोविञ्ञाणधातुसम्फस्सो सिया रूपधातुपरियापन्नो, सिया न रूपधातुपरियापन्नो.

छ वेदना…पे… छ सञ्ञा… छ चेतना… छ चित्ता न रूपधातुपरियापन्ना; मनोविञ्ञाणधातु सिया रूपधातुपरियापन्ना, सिया न रूपधातुपरियापन्ना.