तिपिटक (मूल) › अभिधम्मपिटक › विभङ्गपाळि › १६. ञाणविभङ्गो६. छक्कमातिका७५६. छब्बिधेन ञाणवत्थु –(१) छसु अभिञ्ञासु पञ्ञाएवं छब्बिधेन ञाणवत्थु.७. सत्तकमातिका →