तिपिटक (मूल) › अभिधम्मपिटक › विभङ्गपाळि › १६. ञाणविभङ्गो७. सत्तकमातिका७५७. सत्तविधेन ञाणवत्थु –(१) सत्तसत्तति ञाणवत्थूनिएवं सत्तविधेन ञाणवत्थु.८. अट्ठकमातिका →