१. पटिच्चवारादि
पच्चयचतुक्कं
हेतुपच्चयो
८३. हेतुं दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च हेतु दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया. हेतुं दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च नहेतु दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया. हेतुं दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च हेतु दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तो च नहेतु दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तो च धम्मा उप्पज्जन्ति हेतुपच्चया. (३)
नहेतुं दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च नहेतु दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया… तीणि.
हेतुं दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तञ्च नहेतुं दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तञ्च धम्मं पटिच्च हेतु दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया… तीणि (संखित्तं).
८४. हेतुया नव, आरम्मणे नव, अधिपतिया नव, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, पुरेजाते नव, आसेवने नव, कम्मे नव, विपाके एकं, आहारे नव, इन्द्रिये नव, झाने नव, मग्गे नव, सम्पयुत्ते नव, विप्पयुत्ते नव, अत्थिया नव, नत्थिया नव, विगते नव, अविगते नव (अनुलोमं).
नहेतु-नअधिपतिपच्चया
८५. नहेतुं दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च नहेतु दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति नहेतुपच्चया (१)
८६. हेतुं दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च हेतु दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति नअधिपतिपच्चया (संखित्तं).
८७. नहेतुया एकं, नअधिपतिया नव, नपच्छाजाते नव, नआसेवने नव, नकम्मे तीणि, नविपाके नव, नझाने एकं, नमग्गे एकं (पच्चनीयं).
हेतुपच्चया नअधिपतिया नव (संखित्तं, अनुलोमपच्चनीयं).
नहेतुपच्चया आरम्मणे एकं (संखित्तं, पच्चनीयानुलोमं).
(सहजातवारोपि पच्चयवारोपि निस्सयवारोपि संसट्ठवारोपि सम्पयुत्तवारोपि पटिच्चवारसदिसा वित्थारेतब्बा.)