१-६. पटिच्चवारादि
पच्चयचतुक्कं
हेतुपच्चयो
६७. हेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च हेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया. हेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च नहेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया. हेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च हेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो च नहेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो च धम्मा उप्पज्जन्ति हेतुपच्चया. (३)
६८. नहेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च नहेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया. नहेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च हेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया. नहेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च हेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो च नहेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो च धम्मा उप्पज्जन्ति हेतुपच्चया. (३)
६९. हेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तञ्च नहेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तञ्च धम्मं पटिच्च हेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया. हेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तञ्च नहेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तञ्च धम्मं पटिच्च नहेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति हेतुपच्चया. हेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तञ्च नहेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तञ्च धम्मं पटिच्च हेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो च नहेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो च धम्मा उप्पज्जन्ति हेतुपच्चया. (३) (संखित्तं.)
७०. हेतुया नव, आरम्मणे नव, अधिपतिया नव, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, पुरेजाते नव, आसेवने नव, कम्मे नव, विपाके नव, आहारे नव…पे… अविगते नव (अनुलोमं).
नहेतु-नअधिपतिपच्चया
७१. नहेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च नहेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति नहेतुपच्चया. (१)
७२. हेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च हेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति नअधिपतिपच्चया. हेतुं सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तं धम्मं पटिच्च नहेतु सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो धम्मो उप्पज्जति नअधिपतिपच्चया (संखित्तं).
७३. नहेतुया एकं, नअधिपतिया नव, नपुरेजाते नव, नपच्छाजाते नव, नआसेवने नव, नकम्मे तीणि, नविपाके नव, नझाने एकं, नमग्गे एकं, नविप्पयुत्ते नव (पच्चनीयं).
हेतुपच्चया नअधिपतिया नव (संखित्तं, अनुलोमपच्चनीयं).
नहेतुपच्चया आरम्मणे एकं (संखित्तं, पच्चनीयानुलोमं).
(सहजातवारोपि पच्चयवारोपि निस्सयवारोपि संसट्ठवारोपि सम्पयुत्तवारोपि पटिच्चवारसदिसा वित्थारेतब्बा.)