७. पञ्हावारो

पच्चयचतुक्कं

हेतुपच्चयादि

२०५. उप्पन्नो हेतु धम्मो उप्पन्नस्स हेतुस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो – उप्पन्ना हेतू सम्पयुत्तकानं हेतूनं हेतुपच्चयेन पच्चयो; पटिसन्धिक्खणे…पे…. (१)

अनुप्पन्नो हेतु धम्मो उप्पन्नस्स हेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो – अनुप्पन्ना हेतू चेतोपरियञाणस्स अनागतंसञाणस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. उप्पादी हेतु धम्मो उप्पन्नस्स हेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो – उप्पादी हेतू चेतोपरियञाणस्स अनागतंसञाणस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. (२)

उप्पन्नो हेतु धम्मो उप्पन्नस्स हेतुस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो… तीणि.

सहजातपच्चयेन पच्चयो… अञ्ञमञ्ञपच्चयेन पच्चयो… निस्सयपच्चयेन पच्चयो… उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो… विपाकपच्चयेन पच्चयो… इन्द्रियपच्चयेन पच्चयो… मग्गपच्चयेन पच्चयो… सम्पयुत्तपच्चयेन पच्चयो… अत्थिपच्चयेन पच्चयो…पे… अविगतपच्चयेन पच्चयो.

२०६. हेतुया एकं, आरम्मणे द्वे, अधिपतिया तीणि, सहजाते एकं, अञ्ञमञ्ञे एकं, निस्सये एकं, उपनिस्सये द्वे…पे… अविगते एकं (संखित्तं).

नहेतुया द्वे, नआरम्मणे द्वे (संखित्तं).

हेतुपच्चया नआरम्मणे एकं (संखित्तं).

नहेतुपच्चया आरम्मणे द्वे (संखित्तं).

(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारं, एवं वित्थारेतब्बं.)

नहेतुपदं

आरम्मणपच्चयादि

२०७. उप्पन्नो नहेतु धम्मो उप्पन्नस्स नहेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. (१)

अनुप्पन्नो नहेतु धम्मो उप्पन्नस्स नहेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. (१)

उप्पादी नहेतु धम्मो उप्पन्नस्स नहेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. (१)

२०८. उप्पन्नो नहेतु धम्मो उप्पन्नस्स नहेतुस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो. (१)

अनुप्पन्नो नहेतु धम्मो उप्पन्नस्स नहेतुस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो. (१)

उप्पादी नहेतु धम्मो उप्पन्नस्स नहेतुस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो. (१)

उप्पन्नो नहेतु धम्मो उप्पन्नस्स नहेतुस्स धम्मस्स सहजातपच्चयेन पच्चयो… अञ्ञमञ्ञपच्चयेन पच्चयो… निस्सयपच्चयेन पच्चयो… उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो.

अनुप्पन्नो नहेतु धम्मो उप्पन्नस्स नहेतुस्स धम्मस्स उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो.

उप्पादी नहेतु धम्मो उप्पन्नस्स नहेतुस्स धम्मस्स उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).

२०९. आरम्मणे तीणि, अधिपतिया तीणि, सहजाते एकं, अञ्ञमञ्ञे एकं, निस्सये एकं, उपनिस्सये तीणि…पे… अविगते एकं (संखित्तं).

नहेतुया तीणि, नआरम्मणे तीणि (संखित्तं).

आरम्मणपच्चया नहेतुया तीणि (संखित्तं).

नहेतुपच्चया आरम्मणे तीणि (संखित्तं).