७. पञ्हावारो

पच्चयचतुक्कं

१६५. परित्तो नहेतु धम्मो परित्तस्स नहेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. परित्तो नहेतु धम्मो महग्गतस्स नहेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. (२)

महग्गतो नहेतु धम्मो महग्गतस्स नहेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. महग्गतो नहेतु धम्मो परित्तस्स नहेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. (२)

अप्पमाणो नहेतु धम्मो अप्पमाणस्स नहेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. अप्पमाणो नहेतु धम्मो परित्तस्स नहेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. अप्पमाणो नहेतु धम्मो महग्गतस्स नहेतुस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. (३)

परित्तो नहेतु धम्मो परित्तस्स नहेतुस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).

१६६. आरम्मणे सत्त, अधिपतिया सत्त, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते एकादस, अञ्ञमञ्ञे सत्त, निस्सये तेरस, उपनिस्सये नव…पे… अविगते तेरस (संखित्तं).

नहेतुया पन्नरस, नआरम्मणे पन्नरस (संखित्तं).

आरम्मणपच्चया नहेतुया सत्त (संखित्तं).

नहेतुपच्चया आरम्मणे सत्त (संखित्तं).

(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारं, एवं वित्थारेतब्बं.)