३. पच्चयानुलोमपच्चनीयं
११४. हेतुपच्चया नआरम्मणे नव, नअधिपतिया नव, नअनन्तरे नव, नसमनन्तरे नव, नउपनिस्सये नव (सब्बत्थ नव), नमग्गे नव, नसम्पयुत्ते नव, नोनत्थिया नव, नोविगते नव.
११४. हेतुपच्चया नआरम्मणे नव, नअधिपतिया नव, नअनन्तरे नव, नसमनन्तरे नव, नउपनिस्सये नव (सब्बत्थ नव), नमग्गे नव, नसम्पयुत्ते नव, नोनत्थिया नव, नोविगते नव.