२. सङ्ख्यावारो
सुद्धं
१९९. नहेतुया सत्त, नआरम्मणे सत्त (संखित्तं. सब्बत्थ सत्त), नसहजाते छ, नअञ्ञमञ्ञे छ, ननिस्सये छ (सब्बत्थ सत्त), नसम्पयुत्ते छ, नविप्पयुत्ते पञ्च, नोअत्थिया पञ्च, नोनत्थिया सत्त, नोविगते सत्त, नोअविगते पञ्च (एवं गणेतब्बं).
पच्चनीयं.