२. सङ्ख्यावारो
सुद्धं
७३. हेतुया सत्तरस, आरम्मणे सत्त, अधिपतिया सत्तरस, अनन्तरे सत्त, समनन्तरे सत्त, सहजाते सत्तरस, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये सत्तरस, उपनिस्सये सत्त, पुरेजाते सत्त, आसेवने चत्तारि, कम्मे सत्तरस, विपाके नव, आहारे सत्तरस, इन्द्रिये सत्तरस, झाने सत्तरस, मग्गे सत्तरस, सम्पयुत्ते सत्त, विप्पयुत्ते सत्तरस, अत्थिया सत्तरस, नत्थिया सत्त, विगते सत्त, अविगते सत्तरस.
हेतुदुकं
७४. हेतुपच्चया आरम्मणे सत्त, अधिपतिया सत्तरस…पे… अविगते सत्तरस.
(यथा कुसलत्तिके गणना, एवं गणेतब्बं.)
अनुलोमं.