१८. अट्ठारसमवग्गो
(१७९) ३. करुणाकथा
८०७. नत्थि बुद्धस्स भगवतो करुणाति? आमन्ता. नत्थि बुद्धस्स भगवतो मेत्ताति? न हेवं वत्तब्बे…पे… नत्थि बुद्धस्स भगवतो करुणाति? आमन्ता. नत्थि बुद्धस्स भगवतो मुदिता…पे… उपेक्खाति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
अत्थि बुद्धस्स भगवतो मेत्ताति? आमन्ता. अत्थि बुद्धस्स भगवतो करुणाति? न हेवं वत्तब्बे…पे… अत्थि बुद्धस्स भगवतो मुदिता…पे… उपेक्खाति? आमन्ता. अत्थि बुद्धस्स भगवतो करुणाति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
नत्थि बुद्धस्स भगवतो करुणाति? आमन्ता. भगवा अकारुणिकोति? न हेवं वत्तब्बे…पे… ननु भगवा कारुणिको लोकहितो लोकानुकम्पको लोकत्थचरोति? आमन्ता. हञ्चि भगवा कारुणिको लोकहितो लोकानुकम्पको लोकत्थचरो, नो च वत रे वत्तब्बे – ‘‘नत्थि बुद्धस्स भगवतो करुणा’’ति…पे….
नत्थि बुद्धस्स भगवतो करुणाति? आमन्ता. ननु भगवा महाकरुणासमापत्तिं समापज्जीति? आमन्ता. हञ्चि भगवा महाकरुणासमापत्तिं समापज्जि, नो च वत रे वत्तब्बे – ‘‘नत्थि बुद्धस्स भगवतो करुणा’’ति.
८०८. अत्थि बुद्धस्स भगवतो करुणाति? आमन्ता. भगवा सरागोति? न हेवं वत्तब्बे. तेन हि नत्थि बुद्धस्स भगवतो करुणाति.
करुणाकथा निट्ठिता.