१३. तेरसमवग्गो
(१३५) १०. धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयोतिकथा
६८१. धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयोति? आमन्ता. रूपतण्हा न दुक्खसमुदयोति? न हेवं वत्तब्बे…पे… धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयोति? आमन्ता. सद्दतण्हा…पे… गन्धतण्हा…पे… रसतण्हा…पे… फोट्ठब्बतण्हा न दुक्खसमुदयोति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
रूपतण्हा दुक्खसमुदयोति? आमन्ता. धम्मतण्हा दुक्खसमुदयोति? न हेवं वत्तब्बे…पे… सद्दतण्हा…पे… गन्धतण्हा…पे… रसतण्हा…पे… फोट्ठब्बतण्हा दुक्खसमुदयोति? आमन्ता. धम्मतण्हा दुक्खसमुदयोति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
६८२. धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयोति? आमन्ता. ननु तण्हा दुक्खसमुदयो वुत्तो भगवताति? आमन्ता. हञ्चि तण्हा दुक्खसमुदयो वुत्तो भगवता, नो च वत रे वत्तब्बे – ‘‘धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयो’’ति. धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयोति? आमन्ता. ननु लोभो दुक्खसमुदयो वुत्तो भगवता, धम्मतण्हा लोभोति? आमन्ता. हञ्चि लोभो दुक्खसमुदयो वुत्तो भगवता, धम्मतण्हा लोभो, नो च वत रे वत्तब्बे – ‘‘धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयो’’ति.
६८३. धम्मतण्हा लोभो, न दुक्खसमुदयोति? आमन्ता. रूपतण्हा लोभो, न दुक्खसमुदयोति? न हेवं वत्तब्बे…पे… धम्मतण्हा लोभो, न दुक्खसमुदयोति? आमन्ता. सद्दतण्हा…पे… गन्धतण्हा…पे… रसतण्हा…पे… फोट्ठब्बतण्हा लोभो, न दुक्खसमुदयोति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
रूपतण्हा लोभो दुक्खसमुदयोति? आमन्ता. धम्मतण्हा लोभो दुक्खसमुदयोति? न हेवं वत्तब्बे…पे… सद्दतण्हा…पे… फोट्ठब्बतण्हा लोभो दुक्खसमुदयोति? आमन्ता. धम्मतण्हा लोभो दुक्खसमुदयोति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
६८४. धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयोति? आमन्ता. ननु वुत्तं भगवता – ‘‘यायं तण्हा पोनोब्भविका नन्दीरागसहगता तत्रतत्राभिनन्दिनी, सेय्यथिदं – कामतण्हा, भवतण्हा, विभवतण्हा’’ति! अत्थेव सुत्तन्तोति? आमन्ता. तेन हि न वत्तब्बं – ‘‘धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयो’’ति.
६८५. न वत्तब्बं – ‘‘धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयो’’ति? आमन्ता. ननु सा धम्मतण्हाति? आमन्ता. हञ्चि सा धम्मतण्हा, तेन वत रे वत्तब्बे – ‘‘धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयो’’ति.
धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयोतिकथा निट्ठिता.
तेरसमवग्गो.
तस्सुद्दानं –
कप्पट्ठो कप्पं तिट्ठेय्य, कप्पट्ठो कुसलं चित्तं न पटिलभेय्य, अनन्तरापयुत्तो पुग्गलो सम्मत्तनियामं ओक्कमेय्य, नियतो नियामं ओक्कमति, निवुतो नीवरणं जहति, सम्मुखीभूतो संयोजनं जहति, झाननिकन्ति, असातरागो, धम्मतण्हा अब्याकता, धम्मतण्हा न दुक्खसमुदयोति.