७. सत्तमवग्गो
(६९) ७. पथवी कम्मविपाकोतिकथा
४९२. पथवी कम्मविपाकोति? आमन्ता. सुखवेदनिया दुक्खवेदनिया अदुक्खमसुखवेदनिया, सुखाय वेदनाय सम्पयुत्ता, दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्ता, अदुक्खमसुखाय वेदनाय सम्पयुत्ता, फस्सेन सम्पयुत्ता, वेदनाय सम्पयुत्ता, सञ्ञाय सम्पयुत्ता, चेतनाय सम्पयुत्ता, चित्तेन सम्पयुत्ता, सारम्मणा; अत्थि ताय आवट्टना [आवज्जना (स्या. कं.)] आभोगो समन्नाहारो मनसिकारो चेतना पत्थना पणिधीति? न हेवं वत्तब्बे…पे… ननु न सुखवेदनिया न दुक्खवेदनिया न अदुक्खमसुखवेदनिया, न सुखाय वेदनाय सम्पयुत्ता, न दुक्खाय वेदनाय सम्पयुत्ता, न अदुक्खमसुखाय वेदनाय सम्पयुत्ता, न फस्सेन सम्पयुत्ता, न वेदनाय सम्पयुत्ता, न सञ्ञाय सम्पयुत्ता, न चेतनाय सम्पयुत्ता, न चित्तेन सम्पयुत्ता, अनारम्मणा; नत्थि ताय आवट्टना आभोगो समन्नाहारो मनसिकारो चेतना पत्थना पणिधीति? आमन्ता. हञ्चि न सुखवेदनिया न दुक्खवेदनिया…पे… अनारम्मणा; नत्थि ताय आवट्टना…पे… पणिधि, नो च वत रे वत्तब्बे – ‘‘पथवी कम्मविपाको’’ति.
फस्सो कम्मविपाको, फस्सो सुखवेदनियो दुक्खवेदनियो अदुक्खमसुखवेदनियो सुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो दुक्खाय…पे… अदुक्खमसुखाय वेदनाय सम्पयुत्तो फस्सेन सम्पयुत्तो वेदनाय सम्पयुत्तो सञ्ञाय सम्पयुत्तो चेतनाय सम्पयुत्तो चित्तेन सम्पयुत्तो सारम्मणो; अत्थि तस्स आवट्टना…पे… पणिधीति? आमन्ता. पथवी कम्मविपाको, पथवी सुखवेदनिया दुक्खवेदनिया अदुक्खमसुखवेदनिया सुखाय वेदनाय सम्पयुत्ता दुक्खाय…पे… अदुक्खमसुखाय वेदनाय सम्पयुत्ता फस्सेन सम्पयुत्ता वेदनाय सम्पयुत्ता सञ्ञाय सम्पयुत्ता चेतनाय सम्पयुत्ता चित्तेन सम्पयुत्ता सारम्मणा; अत्थि ताय आवट्टना आभोगो समन्नाहारो मनसिकारो चेतना पत्थना पणिधीति? न हेवं वत्तब्बे …पे… पथवी कम्मविपाको, पथवी न सुखवेदनिया न दुक्खवेदनिया…पे… अनारम्मणा; नत्थि ताय आवट्टना…पे… पणिधीति? आमन्ता. फस्सो कम्मविपाको, फस्सो न सुखवेदनियो न दुक्खवेदनियो …पे… अनारम्मणो; नत्थि तस्स आवट्टना…पे… पणिधीति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
पथवी कम्मविपाकोति? आमन्ता. पथवी पग्गहनिग्गहुपगा छेदनभेदनुपगाति? आमन्ता. कम्मविपाको पग्गहनिग्गहुपगो छेदनभेदनुपगोति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
लब्भा पथवी केतुं विक्केतुं आठपेतुं ओचिनितुं विचिनितुन्ति? आमन्ता. लब्भा कम्मविपाको केतुं विक्केतुं आठपेतुं ओचिनितुं विचिनितुन्ति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
४९३. पथवी परेसं साधारणाति? आमन्ता. कम्मविपाको परेसं साधारणोति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
कम्मविपाको परेसं साधारणोति? आमन्ता. ननु वुत्तं भगवता –
‘‘असाधारणमञ्ञेसं, अचोरहरणो निधि;
कयिराथ मच्चो पुञ्ञानि, सचे सुचरितं चरे’’ति [खु. पा. ८.९ खुद्दकपाठे, थोकं विसदिसं].
अत्थेव सुत्तन्तोति? आमन्ता. तेन हि न वत्तब्बं – ‘‘कम्मविपाको परेसं साधारणो’’ति.
पथवी कम्मविपाकोति? आमन्ता. पठमं पथवी सण्ठाति, पच्छा सत्ता उप्पज्जन्तीति? आमन्ता. पठमं विपाको उप्पज्जति, पच्छा विपाकपटिलाभाय कम्मं करोन्तीति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
पथवी सब्बसत्तानं कम्मविपाकोति? आमन्ता. सब्बे सत्ता पथविं परिभुञ्जन्तीति? न हेवं वत्तब्बे…पे… सब्बे सत्ता पथविं परिभुञ्जन्तीति? आमन्ता. अत्थि केचि पथविं अपरिभुञ्जित्वा परिनिब्बायन्तीति? आमन्ता. अत्थि केचि कम्मविपाकं अखेपेत्वा परिनिब्बायन्तीति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
पथवी चक्कवत्तिसत्तस्स कम्मविपाकोति? आमन्ता. अञ्ञे सत्ता पथविं परिभुञ्जन्तीति? आमन्ता. चक्कवत्तिसत्तस्स कम्मविपाकं अञ्ञे सत्ता परिभुञ्जन्तीति? न हेवं वत्तब्बे…पे… चक्कवत्तिसत्तस्स कम्मविपाकं अञ्ञे सत्ता परिभुञ्जन्तीति? आमन्ता. चक्कवत्तिसत्तस्स फस्सं वेदनं सञ्ञं चेतनं चित्तं सद्धं वीरियं सतिं समाधिं पञ्ञं अञ्ञे सत्ता परिभुञ्जन्तीति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
४९४. न वत्तब्बं – ‘‘पथवी कम्मविपाको’’ति? आमन्ता. ननु अत्थि इस्सरियसंवत्तनियं कम्मं अधिपच्चसंवत्तनियं कम्मन्ति? आमन्ता. हञ्चि अत्थि इस्सरियसंवत्तनियं कम्मं अधिपच्चसंवत्तनियं कम्मं, तेन वत रे वत्तब्बे – ‘‘पथवी कम्मविपाको’’ति.
पथवी कम्मविपाकोतिकथा निट्ठिता.