६. छट्ठवग्गो

(५७) ५. निरोधसमापत्तिकथा

४५७. निरोधसमापत्ति असङ्खताति? आमन्ता. निब्बानं ताणं लेणं सरणं परायनं अच्चुतं अमतन्ति? न हेवं वत्तब्बे…पे… निरोधसमापत्ति असङ्खता, निब्बानं असङ्खतन्ति? आमन्ता. द्वे असङ्खतानीति? न हेवं वत्तब्बे…पे… द्वे असङ्खतानीति? आमन्ता. द्वे ताणानि…पे… अन्तरिका वाति? न हेवं वत्तब्बे…पे….

निरोधसमापत्ति असङ्खताति? आमन्ता. अत्थि केचि निरोधं समापज्जन्ति पटिलभन्ति उप्पादेन्ति समुप्पादेन्ति उट्ठपेन्ति समुट्ठपेन्ति निब्बत्तेन्ति अभिनिब्बत्तेन्ति जनेन्ति सञ्जनेन्तीति? आमन्ता. अत्थि केचि असङ्खतं समापज्जन्ति पटिलभन्ति उप्पादेन्ति समुप्पादेन्ति उट्ठपेन्ति समुट्ठपेन्ति निब्बत्तेन्ति अभिनिब्बत्तेन्ति जनेन्ति सञ्जनेन्तीति? न हेवं वत्तब्बे…पे….

४५८. निरोधा वोदानं वुट्ठानं पञ्ञायतीति? आमन्ता. असङ्खता वोदानं वुट्ठानं पञ्ञायतीति? न हेवं वत्तब्बे…पे… निरोधं समापज्जन्तस्स पठमं निरुज्झति वचीसङ्खारो, ततो कायसङ्खारो, ततो चित्तसङ्खारोति? आमन्ता. असङ्खतं समापज्जन्तस्स पठमं निरुज्झति वचीसङ्खारो, ततो कायसङ्खारो, ततो चित्तसङ्खारोति? न हेवं वत्तब्बे…पे… निरोधा वुट्ठहन्तस्स पठमं उप्पज्जति चित्तसङ्खारो, ततो कायसङ्खारो, ततो वचीसङ्खारोति? आमन्ता. असङ्खता वुट्ठहन्तस्स पठमं उप्पज्जति चित्तसङ्खारो, ततो कायसङ्खारो, ततो वचीसङ्खारोति? न हेवं वत्तब्बे…पे….

निरोधा वुट्ठितं तयो फस्सा फुसन्ति – सुञ्ञतो फस्सो, अनिमित्तो फस्सो, अप्पणिहितो फस्सोति? आमन्ता. असङ्खता वुट्ठितं तयो फस्सा फुसन्ति – सुञ्ञतो फस्सो, अनिमित्तो फस्सो, अप्पणिहितो फस्सोति? न हेवं वत्तब्बे…पे….

निरोधा वुट्ठितस्स विवेकनिन्नं चित्तं होति विवेकपोणं विवेकपब्भारन्ति? आमन्ता. असङ्खता वुट्ठितस्स विवेकनिन्नं चित्तं होति विवेकपोणं विवेकपब्भारन्ति? न हेवं वत्तब्बे…पे….

४५९. न वत्तब्बं – ‘‘निरोधसमापत्ति असङ्खता’’ति? आमन्ता. सङ्खताति? न हेवं वत्तब्बे…पे… तेन हि निरोधसमापत्ति असङ्खताति.

निरोधसमापत्तिकथा निट्ठिता.