२. दुतियवग्गो
(२०) ११. निरोधकथा
३५३. द्वे निरोधाति? आमन्ता. द्वे दुक्खनिरोधाति? न हेवं वत्तब्बे…पे… द्वे दुक्खनिरोधाति? आमन्ता. द्वे निरोधसच्चानीति? न हेवं वत्तब्बे…पे… द्वे निरोधसच्चानीति? आमन्ता. द्वे दुक्खसच्चानीति? न हेवं वत्तब्बे…पे… द्वे निरोधसच्चानीति? आमन्ता. द्वे समुदयसच्चानीति? न हेवं वत्तब्बे…पे… द्वे निरोधसच्चानीति? आमन्ता. द्वे मग्गसच्चानीति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
द्वे निरोधसच्चानीति? आमन्ता. द्वे ताणानि…पे… द्वे लेणानि… द्वे सरणानि… द्वे परायणानि… द्वे अच्चुतानि… द्वे अमतानि… द्वे निब्बानानीति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
द्वे निब्बानानीति? आमन्ता. अत्थि द्विन्नं निब्बानानं उच्चनीचता हीनपणीतता उक्कंसावकंसो सीमा वा भेदो वा राजि वा अन्तरिका वाति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
द्वे निरोधाति? आमन्ता. ननु अप्पटिसङ्खानिरुद्धे सङ्खारे पटिसङ्खा निरोधेन्तीति? आमन्ता. हञ्चि अप्पटिसङ्खानिरुद्धे सङ्खारे पटिसङ्खा निरोधेन्ति, नो च वत रे वत्तब्बे – ‘‘द्वे निरोधा’’ति.
न वत्तब्बं – ‘‘द्वे निरोधा’’ति? आमन्ता. ननु अप्पटिसङ्खानिरुद्धापि सङ्खारा अच्चन्तभग्गा, पटिसङ्खानिरुद्धापि सङ्खारा अच्चन्तभग्गाति? आमन्ता. हञ्चि अप्पटिसङ्खानिरुद्धापि सङ्खारा अच्चन्तभग्गा, पटिसङ्खानिरुद्धापि सङ्खारा अच्चन्तभग्गा, तेन वत रे वत्तब्बे – ‘‘द्वे निरोधा’’ति.
द्वे निरोधाति? आमन्ता. पटिसङ्खानिरुद्धापि [पटिसङ्खानिरुद्धा (?)] सङ्खारा अरियमग्गं आगम्म निरुद्धाति? आमन्ता. अप्पटिसङ्खानिरुद्धा सङ्खारा अरियमग्गं आगम्म निरुद्धाति? न हेवं वत्तब्बे…पे….
द्वे निरोधाति? आमन्ता. पटिसङ्खानिरुद्धा सङ्खारा न पुन उप्पज्जन्तीति? आमन्ता. अप्पटिसङ्खानिरुद्धा सङ्खारा न पुन उप्पज्जन्तीति? न हेवं वत्तब्बे…पे… तेन हि न वत्तब्बं – ‘‘द्वे निरोधा’’ति.
निरोधकथा निट्ठिता.
दुतियवग्गो.
तस्सुद्दानं –
परूपहारो अञ्ञाणं, कङ्खा परवितारणा;
वचीभेदो दुक्खाहारो, चित्तट्ठिति च कुक्कुळा;
अनुपुब्बाभिसमयो, वोहारो च निरोधकोति.