१००. सं+सानं
सब्बादितो नंवचनस्स सं+सानं होन्ति. सब्बेसं सब्बेसानं. सब्बा सब्बम्हा सब्बस्मा. सब्बे सब्बम्हि सब्बस्मिं, सब्बेसु.
इत्थियं ‘‘इत्थिय+मत्वा’’ति आपच्चये तस्स घसञ्ञा. सेसं कञ्ञाव. सब्बा, सब्बा सब्बायो. भो सब्बे, सब्बा सब्बायो. ‘‘घो स्सं+स्सा+स्सायं+तिं सू’’-ति रस्से सब्बं, सब्बा सब्बायो. सब्बाय, सब्बाहि सब्बाभि.