६. समूलायसमोधानपरिवासचतुस्सतं

१७२. ‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जित्वा अप्पटिच्छादेत्वा विब्भमति. सो पुन उपसम्पन्नो ता आपत्तियो नच्छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जित्वा अप्पटिच्छादेत्वा विब्भमति. सो पुन उपसम्पन्नो ता आपत्तियो छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जित्वा पटिच्छादेत्वा विब्भमति. सो पुन उपसम्पन्नो ता आपत्तियो नच्छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जित्वा पटिच्छादेत्वा विब्भमति. सो पुन उपसम्पन्नो ता आपत्तियो छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

१७३. ‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. तस्स होन्ति आपत्तियो पटिच्छन्नायोपि अप्पटिच्छन्नायोपि. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे छादेसि ता आपत्तियो पच्छा नच्छादेति; या आपत्तियो पुब्बे नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा नच्छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. तस्स होन्ति आपत्तियो पटिच्छन्नायोपि अप्पटिच्छन्नायोपि. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे छादेसि ता आपत्तियो पच्छा नच्छादेति; या आपत्तियो पुब्बे नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. तस्स होन्ति आपत्तियो पटिच्छन्नायोपि अप्पटिच्छन्नायोपि. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे छादेसि ता आपत्तियो पच्छा छादेति; या आपत्तियो पुब्बे नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा नच्छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. तस्स होन्ति आपत्तियो पटिच्छन्नायोपि अप्पटिच्छन्नायोपि. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे छादेसि ता आपत्तियो पच्छा छादेति; या आपत्तियो पुब्बे नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

१७४. ‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. एकच्चा आपत्तियो जानाति, एकच्चा आपत्तियो न जानाति. या आपत्तियो जानाति ता आपत्तियो छादेति; या आपत्तियो न जानाति ता आपत्तियो नच्छादेति. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे जानित्वा छादेसि ता आपत्तियो पच्छा जानित्वा नच्छादेति; या आपत्तियो पुब्बे अजानित्वा नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा जानित्वा नच्छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. एकच्चा आपत्तियो जानाति, एकच्चा आपत्तियो न जानाति. या आपत्तियो जानाति ता आपत्तियो छादेति; या आपत्तियो न जानाति ता आपत्तियो नच्छादेति. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे जानित्वा छादेसि ता आपत्तियो पच्छा जानित्वा नच्छादेति; या आपत्तियो पुब्बे अजानित्वा नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा जानित्वा छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. एकच्चा आपत्तियो जानाति, एकच्चा आपत्तियो न जानाति. या आपत्तियो जानाति ता आपत्तियो छादेति; या आपत्तियो न जानाति ता आपत्तियो नच्छादेति. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे जानित्वा छादेसि ता आपत्तियो पच्छा जानित्वा छादेति; या आपत्तियो पुब्बे अजानित्वा नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा जानित्वा नच्छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. एकच्चा आपत्तियो जानाति, एकच्चा आपत्तियो न जानाति. या आपत्तियो जानाति ता आपत्तियो छादेति, या आपत्तियो न जानाति ता आपत्तियो नच्छादेति. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे जानित्वा छादेसि ता आपत्तियो पच्छा जानित्वा छादेति; या आपत्तियो पुब्बे अजानित्वा नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा जानित्वा छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

१७५. ‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. एकच्चा आपत्तियो सरति, एकच्चा आपत्तियो नस्सरति. या आपत्तियो सरति ता आपत्तियो छादेति; या आपत्तियो नस्सरति ता आपत्तियो नच्छादेति. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे सरित्वा छादेसि ता आपत्तियो पच्छा सरित्वा नच्छादेति; या आपत्तियो पुब्बे अस्सरित्वा नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा सरित्वा नच्छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. एकच्चा आपत्तियो सरति, एकच्चा आपत्तियो नस्सरति. या आपत्तियो सरति ता आपत्तियो छादेति; या आपत्तियो नस्सरति ता आपत्तियो नच्छादेति. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे सरित्वा छादेसि ता आपत्तियो पच्छा सरित्वा नच्छादेति; या आपत्तियो पुब्बे अस्सरित्वा नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा सरित्वा छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. एकच्चा आपत्तियो सरति, एकच्चा आपत्तियो नस्सरति. या आपत्तियो सरति ता आपत्तियो छादेति; या आपत्तियो नस्सरति ता आपत्तियो नच्छादेति. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे सरित्वा छादेसि ता आपत्तियो पच्छा सरित्वा छादेति; या आपत्तियो पुब्बे अस्सरित्वा नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा सरित्वा नच्छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. एकच्चा आपत्तियो सरति, एकच्चा आपत्तियो नस्सरति. या आपत्तियो सरति ता आपत्तियो छादेति; या आपत्तियो नस्सरति ता आपत्तियो नच्छादेति. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे सरित्वा छादेसि ता आपत्तियो पच्छा सरित्वा छादेति; या आपत्तियो पुब्बे अस्सरित्वा नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा सरित्वा छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

१७६. ‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. एकच्चासु आपत्तीसु निब्बेमतिको, एकच्चासु आपत्तीसु वेमतिको. यासु आपत्तीसु निब्बेमतिको ता आपत्तियो छादेति; यासु आपत्तीसु वेमतिको ता आपत्तियो नच्छादेति. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे निब्बेमतिको छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको नच्छादेति; या आपत्तियो पुब्बे वेमतिको नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको नच्छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. एकच्चासु आपत्तीसु निब्बेमतिको, एकच्चासु आपत्तीसु वेमतिको. यासु आपत्तीसु निब्बेमतिको ता आपत्तियो छादेति; यासु आपत्तीसु वेमतिको ता आपत्तियो नच्छादेति. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे निब्बेमतिको छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको नच्छादेति; या आपत्तियो पुब्बे वेमतिको नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. एकच्चासु आपत्तीसु निब्बेमतिको, एकच्चासु आपत्तीसु वेमतिको. यासु आपत्तीसु निब्बेमतिको ता आपत्तियो छादेति; यासु आपत्तीसु वेमतिको ता आपत्तियो नच्छादेति. सो विब्भमित्वा पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे निब्बेमतिको छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको छादेति; या आपत्तियो पुब्बे वेमतिको नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको नच्छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जति. एकच्चासु आपत्तीसु निब्बेमतिको, एकच्चासु आपत्तीसु वेमतिको. यासु आपत्तीसु निब्बेमतिको ता आपत्तियो छादेति; यासु आपत्तीसु वेमतिको ता आपत्तियो नच्छादेति. सो विब्भमित्वा [सो भिक्खु विब्भमित्वा (क.)] पुन उपसम्पन्नो या आपत्तियो पुब्बे निब्बेमतिको छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको छादेति; या आपत्तियो पुब्बे वेमतिको नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

१७७. ‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु परिवसन्तो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जित्वा अप्पटिच्छादेत्वा सामणेरो होति…पे… उम्मत्तको होति…पे… खित्तचित्तो होति…पे… वेदनाट्टो होति…पे… तस्स होन्ति आपत्तियो पटिच्छन्नायोपि अप्पटिच्छन्नायोपि (यथा हेट्ठा वित्थारितं तथा वित्थारेतब्बं)…पे… एकच्चा आपत्तियो जानाति, एकच्चा आपत्तियो न जानाति…पे… एकच्चा आपत्तियो सरति, एकच्चा आपत्तियो नस्सरति…पे… एकच्चासु आपत्तीसु निब्बेमतिको, एकच्चासु आपत्तीसु वेमतिको. यासु आपत्तीसु निब्बेमतिको ता आपत्तियो छादेति; यासु आपत्तीसु वेमतिको ता आपत्तियो नच्छादेति. सो वेदनाट्टो होति. सो पुन अवेदनाट्टो हुत्वा या आपत्तियो पुब्बे निब्बेमतिको छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको नच्छादेति; या आपत्तियो पुब्बे वेमतिको नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको नच्छादेति…पे… या आपत्तियो पुब्बे निब्बेमतिको छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको नच्छादेति; या आपत्तियो पुब्बे वेमतिको नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको छादेति…पे… या आपत्तियो पुब्बे निब्बेमतिको छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको छादेति; या आपत्तियो पुब्बे वेमतिको नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको नच्छादेति…पे… या आपत्तियो पुब्बे निब्बेमतिको छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको छादेति; या आपत्तियो पुब्बे वेमतिको नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

१७८. ‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु मानत्तारहो…पे… मानत्तं चरन्तो…पे… अब्भानारहो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जित्वा अप्पटिच्छादेत्वा विब्भमति…पे… (मानत्तारहो च मानत्तचारी च अब्भानारहो च यथा परिवासो वित्थारितो तथा वित्थारेतब्बो).

१७९. ‘‘इध पन, भिक्खवे, भिक्खु अब्भानारहो अन्तरा सम्बहुला सङ्घादिसेसा आपत्तियो आपज्जित्वा अप्पटिच्छादेत्वा सामणेरो होति…पे… उम्मत्तको होति…पे… खित्तचित्तो होति…पे… वेदनाट्टो होति…पे… तस्स होन्ति आपत्तियो पटिच्छन्नायोपि अप्पटिच्छन्नायोपि …पे… एकच्चा आपत्तियो जानाति, एकच्चा आपत्तियो न जानाति…पे… एकच्चा आपत्तियो सरति, एकच्चा आपत्तियो नस्सरति…पे… एकच्चासु आपत्तीसु निब्बेमतिको, एकच्चासु आपत्तीसु वेमतिको. यासु आपत्तीसु निब्बेमतिको ता आपत्तियो छादेति; यासु आपत्तीसु वेमतिको ता आपत्तियो नच्छादेति. सो वेदनाट्टो होति. सो पुन अवेदनाट्टो हुत्वा या आपत्तियो पुब्बे निब्बेमतिको छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको नच्छादेति; या आपत्तियो पुब्बे वेमतिको नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको नच्छादेति…पे… या आपत्तियो पुब्बे निब्बेमतिको छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको नच्छादेति; या आपत्तियो पुब्बे वेमतिको नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको छादेति…पे… या आपत्तियो पुब्बे निब्बेमतिको छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको छादेति; या आपत्तियो पुब्बे वेमतिको नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको नच्छादेति…पे… या आपत्तियो पुब्बे निब्बेमतिको छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको छादेति; या आपत्तियो पुब्बे वेमतिको नच्छादेसि ता आपत्तियो पच्छा निब्बेमतिको छादेति. सो भिक्खु मूलाय पटिकस्सितब्बो. यथापटिच्छन्नानञ्चस्स आपत्तीनं पुरिमाय आपत्तिया समोधानपरिवासो दातब्बो.

समूलायसमोधानपरिवासचतुस्सतं निट्ठितं.