२. दुतियपाटिदेसनीयसिक्खापदवण्णना
यो च पटिग्गहेत्वा भुञ्जतीति सम्बन्धो. अत्तनो वा भत्तं दापेन्तियाति एत्थ सचेपि अत्तनो भत्तं देति, इमिना सिक्खापदेन अनापत्तियेव, पुरिमसिक्खापदेन आपत्ति. अञ्ञेसं वा भत्तं देन्तियाति एत्थ पन सचे दापेय्य, इमिना सिक्खापदेन आपत्ति भवेय्य, देन्तिया पन नेव इमिना, न पुरिमेन आपत्ति.
दुतियपाटिदेसनीयसिक्खापदवण्णना निट्ठिता.