११. चन्दनसुत्तं
३४२. अथ खो चन्दनो [नन्दनो (सी.)] देवपुत्तो…पे….
अथ खो सुयामो देवपुत्तो…पे….
अथ खो सन्तुसितो देवपुत्तो…पे….
अथ खो सुनिम्मितो देवपुत्तो…पे….
अथ खो वसवत्ति देवपुत्तो…पे….
(यथा सक्कसुत्तं तथा इमे पञ्च पेय्याला वित्थारेतब्बा). एकादसमं.
मोग्गल्लानसंयुत्तं समत्तं.