१. पदसोधनवारो
(क) अनुलोमं
२६. (क) रूपं रूपक्खन्धोति?
पियरूपं सातरूपं रूपं, न रूपक्खन्धो. रूपक्खन्धो रूपञ्चेव रूपक्खन्धो च.
(ख) रूपक्खन्धो रूपन्ति? आमन्ता.
(क) वेदना वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता.
(ख) वेदनाक्खन्धो वेदनाति? आमन्ता.
(क) सञ्ञा सञ्ञाक्खन्धोति?
दिट्ठिसञ्ञा सञ्ञा, न सञ्ञाक्खन्धो. सञ्ञाक्खन्धो सञ्ञा चेव सञ्ञाक्खन्धो च.
(ख) सञ्ञाक्खन्धो सञ्ञाति? आमन्ता.
(क) सङ्खारा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धं ठपेत्वा अवसेसा सङ्खारा [अवसेसा सङ्खारा सङ्खारा (स्या.)], न सङ्खारक्खन्धो. सङ्खारक्खन्धो सङ्खारा चेव सङ्खारक्खन्धो च.
(ख) सङ्खारक्खन्धो सङ्खाराति? आमन्ता.
(क) विञ्ञाणं विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता.
(ख) विञ्ञाणक्खन्धो विञ्ञाणन्ति? आमन्ता.
(ख) पच्चनीकं
२७. (क) न रूपं न रूपक्खन्धोति? आमन्ता.
(ख) न रूपक्खन्धो न रूपन्ति?
पियरूपं सातरूपं न रूपक्खन्धो, रूपं. रूपञ्च रूपक्खन्धञ्च ठपेत्वा अवसेसा न चेव रूपं न च रूपक्खन्धो.
(क) न वेदना न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता.
(ख) न वेदनाक्खन्धो न वेदनाति? आमन्ता.
(क) न सञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता.
(ख) न सञ्ञाक्खन्धो न सञ्ञाति?
दिट्ठिसञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धो, सञ्ञा. सञ्ञञ्च सञ्ञाक्खन्धञ्च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सञ्ञा न च सञ्ञाक्खन्धो.
(क) न सङ्खारा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता.
(ख) न सङ्खारक्खन्धो न सङ्खाराति?
सङ्खारक्खन्धं ठपेत्वा अवसेसा न सङ्खारक्खन्धो, सङ्खारा. सङ्खारे च सङ्खारक्खन्धञ्च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सङ्खारा न च सङ्खारक्खन्धो.
(क) न विञ्ञाणं न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता.
(ख) न विञ्ञाणक्खन्धो न विञ्ञाणन्ति? आमन्ता.