(६) अतीतानागतवारो

(क) अनुलोमपुग्गलो

१९६. (क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?

परिनिब्बन्तानं तेसं रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति. इतरेसं तेसं रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति.

(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता.

१९७. (क) यस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?

परिनिब्बन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति. इतरेसं तेसं वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति.

(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता.

(ख) अनुलोमओकासो

१९८. यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ…पे….

(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा

१९९. (क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?

पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति. इतरेसं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति.

(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?

सुद्धावासं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ. इतरेसं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ.

२००. (क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?

परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति. इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति.

(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?

सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ. इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ.

(घ) पच्चनीकपुग्गलो

२०१. (क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति? नत्थि.

(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ.

२०२. (क) यस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति? नत्थि.

(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ.

(ङ) पच्चनीकओकासो

२०३. यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ…पे….

(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा

२०४. (क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?

सुद्धावासं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति. सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं अरूपे परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति.

(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति?

पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ. सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं अरूपे परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ.

२०५. (क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?

सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति. सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति.

(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति?

परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ. सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ.

उप्पादनिरोधवारो.

पवत्तिवारो निट्ठितो.