(६) अतीतानागतवारो

(क) अनुलोमपुग्गलो

१४३. (क) यस्स रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?

परिनिब्बन्तानं तेसं रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति. इतरेसं तेसं रूपक्खन्धो च निरुज्झित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति.

(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता.

१४४. (क) यस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?

परिनिब्बन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति. इतरेसं तेसं वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति.

(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता.

(ख) अनुलोमओकासो

१४५. यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ…पे….

(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा

१४६. (क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?

पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति. इतरेसं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति.

(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थाति?

सुद्धावासं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ. इतरेसं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च निरुज्झित्थ.

१४७. (क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?

परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति. इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति.

(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति?

सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ. इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ.

(घ) पच्चनीकपुग्गलो

१४८. (क) यस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति? नत्थि.

(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? निरुज्झित्थ.

१४९. (क) यस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति? नत्थि.

(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? निरुज्झित्थ.

(ङ) पच्चनीकओकासो

१५०. यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ…पे….

(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा

१५१. (क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?

सुद्धावासं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति. सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं अरूपे परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च न निरुज्झित्थ, वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति.

(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थाति?

पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ. सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं अरूपे परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च न निरुज्झित्थ.

१५२. (क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?

सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति. सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति.

(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति?

परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ. सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ.

निरोधवारो.