१७-१. उप्पन्नत्तिक-हेतुदुकं

८३. उप्पन्नो हेतु धम्मो नअनुपन्नस्स नहेतुस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो. उप्पन्नो हेतु धम्मो नउप्पादिस्स नहेतुस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो. उप्पन्नो हेतु धम्मो नअनुप्पन्नस्स नहेतुस्स च नउप्पादिस्स नहेतुस्स च धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो. हेतुया तीणि.