१००. सरणदुकं

७. पञ्हावारो

५४. सरणो धम्मो नसरणस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो. सरणो धम्मो नअरणस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो. सरणो धम्मो नसरणस्स च नअरणस्स च धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो. (३)

अरणो धम्मो नसरणस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो. (१)

५५. सरणो धम्मो नसरणस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. सरणो धम्मो नअरणस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो. (संखित्तं.)

हेतुया चत्तारि, आरम्मणे चत्तारि, अधिपतिया पञ्च, अनन्तरे चत्तारि…पे… अविगते सत्त.

पच्चनीयुद्धारो

५६. सरणो धम्मो नसरणस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो, सहजातपच्चयेन पच्चयो, उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो, पच्छाजातपच्चयेन पच्चयो, कम्मपच्चयेन पच्चयो.

सरणो धम्मो नअरणस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो, सहजातपच्चयेन पच्चयो, उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो. (संखित्तं.)

५७. नहेतुया सत्त, नआरम्मणे सत्त, नअधिपतिया सत्त, नअनन्तरे सत्त…पे… नोअविगते चत्तारि.

हेतुपच्चया नआरम्मणे चत्तारि. (संखित्तं.)

नहेतुपच्चया आरम्मणे चत्तारि. (संखित्तं.)

(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारं एवं वित्थारेतब्बं.)

धम्मानुलोमपच्चनीये दुकपट्ठानं निट्ठितं.