७. पञ्हावारो

पच्चयचतुक्कं

हेतु-आरम्मणपच्चया

२६२. हेतु दस्सनेन पहातब्बो धम्मो हेतुस्स दस्सनेन पहातब्बस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो… तीणि.

हेतु दस्सनेन पहातब्बो धम्मो हेतुस्स दस्सनेन पहातब्बस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… नव (संखित्तं).

२६३. हेतुया तीणि, आरम्मणे नव, अधिपतिया नव, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, आसेवने नव, कम्मे तीणि, आहारे तीणि, इन्द्रिये तीणि, झाने तीणि, मग्गे तीणि, सम्पयुत्ते नव…पे… अविगते नव (संखित्तं).

पच्चनीयुद्धारो

२६४. हेतु दस्सनेन पहातब्बो धम्मो हेतुस्स दस्सनेन पहातब्बस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… सहजातपच्चयेन पच्चयो… उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).

२६५. नहेतुया नव, नआरम्मणे नव (संखित्तं).

हेतुपच्चया नआरम्मणे तीणि (संखित्तं).

नहेतुपच्चया आरम्मणे नव (संखित्तं).

(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारस्स अनुलोमम्पि पच्चनीयम्पि अनुलोमपच्चनीयम्पि पच्चनीयानुलोमम्पि नणितं, एवं गणेतब्बं.)