७. पञ्हावारो
पच्चयचतुक्कं
हेतुपच्चयादि
१४४. हेतु नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मो हेतुस्स नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो… तीणि…पे….
१४५. हेतु नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मो हेतुस्स नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो – सहजाताधिपति… तीणि.
नहेतु नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मो नहेतुस्स नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो – आरम्मणाधिपति, सहजाताधिपति… तीणि…पे….
पुरेजातपच्चयादि
१४६. नहेतु नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मो नहेतुस्स नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मस्स पुरेजातपच्चयेन पच्चयो – आरम्मणपुरेजातं, वत्थुपुरेजातं… तीणि.
१४७. हेतु नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मो नहेतुस्स नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मस्स पच्छाजातपच्चयेन पच्चयो. (१)
नहेतु नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मो नहेतुस्स नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मस्स पच्छाजातपच्चयेन पच्चयो. (१)
हेतु नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मो च नहेतु नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मो च नहेतुस्स नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मस्स पच्छाजातपच्चयेन पच्चयो. (१)
…आसेवनपच्चयेन पच्चयो… नव.
१४८. नहेतु नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मो नहेतुस्स नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मस्स कम्मपच्चयेन पच्चयो… तीणि (संखित्तं).
१४९. हेतुया तीणि, आरम्मणे नव, अधिपतिया छ, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, पुरेजाते तीणि, पच्छाजाते तीणि, आसेवने नव, कम्मे तीणि, आहारे तीणि, इन्द्रिये नव, झाने तीणि, मग्गे नव, सम्पयुत्ते नव, विप्पयुत्ते पञ्च, अत्थिया नव, नत्थिया नव, विगते नव, अविगते नव.
पच्चनीयुद्धारो
१५०. हेतु नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मो हेतुस्स नेवविपाकनविपाकधम्मधम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… सहजातपच्चयेन पच्चयो… उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).
१५१. नहेतुया नव, नआरम्मणे नव, नअधिपतिया नव (संखित्तं).
हेतुपच्चया नआरम्मणे तीणि (संखित्तं).
नहेतुपच्चया आरम्मणे नव (संखित्तं).
(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारस्स अनुलोमम्पि पच्चनीयम्पि अनुलोमपच्चनीयम्पि पच्चनीयानुलोमम्पि गणितं, एवं गणेतब्बं.)
हेतुदुकविपाकत्तिकं निट्ठितं.