७. पञ्हावारो

पच्चयचतुक्कं

हेतुपच्चयादि

११३. हेतु विपाको धम्मो हेतुस्स विपाकस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो… तीणि.

११४. हेतु विपाको धम्मो हेतुस्स विपाकस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… तीणि.

नहेतु विपाको धम्मो नहेतुस्स विपाकस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… तीणि.

हेतु विपाको च नहेतु विपाको च धम्मा हेतुस्स विपाकस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… तीणि (तदारम्मणायेव लब्भन्ति).

११५. हेतु विपाको धम्मो हेतुस्स विपाकस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो… तीणि (सहजाताधिपतियेव लब्भति, आरम्मणाधिपति नत्थि)…पे….

उपनिस्सयपच्चयादि

११६. हेतु विपाको धम्मो हेतुस्स विपाकस्स धम्मस्स उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो – अनन्तरूपनिस्सयो, पकतूपनिस्सयो. हेतु विपाको धम्मो नहेतुस्स विपाकस्स धम्मस्स उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो – अनन्तरूपनिस्सयो, पकतूपनिस्सयो. हेतु विपाको धम्मो हेतुस्स विपाकस्स च नहेतुस्स विपाकस्स च धम्मस्स उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो – अनन्तरूपनिस्सयो, पकतूपनिस्सयो. (३)

नहेतु विपाको धम्मो नहेतुस्स विपाकस्स धम्मस्स उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो – अनन्तरूपनिस्सयो, पकतूपनिस्सयो…पे… (इतरे द्वे अनन्तरूपनिस्सयो पकतूपनिस्सयोयेव).

११७. नहेतु विपाको धम्मो नहेतुस्स विपाकस्स धम्मस्स कम्मपच्चयेन पच्चयो… तीणि (सहजातकम्ममेव, संखित्तं).

हेतु विपाको धम्मो हेतुस्स विपाकस्स धम्मस्स विपाकपच्चयेन पच्चयो… नव.

नहेतु विपाको धम्मो नहेतुस्स विपाकस्स धम्मस्स आहारपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).

११८. हेतुया तीणि, आरम्मणे नव, अधिपतिया छ, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, कम्मे तीणि, विपाके नव, आहारे तीणि, इन्द्रिये नव, झाने तीणि, मग्गे नव, सम्पयुत्ते नव, अत्थिया नव, नत्थिया नव, विगते नव, अविगते नव (अनुलोमं).

पच्चनीयुद्धारो

११९. हेतु विपाको धम्मो हेतुस्स विपाकस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… सहजातपच्चयेन पच्चयो… उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).

१२०. नहेतुया नव, नआरम्मणे नव (संखित्तं, पच्चनीयं).

हेतुपच्चया नआरम्मणे तीणि (संखित्तं, अनुलोमपच्चनीयं).

नहेतुपच्चया आरम्मणे नव (संखित्तं, पच्चनीयानुलोमं).

(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारस्स अनुलोमम्पि पच्चनीयम्पि अनुलोमपच्चनीयम्पि पच्चनीयानुलोमम्पि गणितं, एवं गणेतब्बं.)